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Showing posts with the label ashiqaana

मुझे तलाश है ख़ुद की...

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मुझे तलाश है ख़ुद की... जाने कहाँ खोया हुआ हूँ? करता हूँ एक सवाल ख़ुद से... क्या तुम्हारे ख़्वाबों में हूँ? Mujhe Talash Hai Khud Ki... Jane Kahan Khoya Hoon? Karta Hoon Ek Sawal Khud Se... Kya Tumhare Khwabo Me Rahta Hoon?

कहते है जिनके ख़यालो हम खोये हुए है...

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कहते है जिनके ख़यालो हम खोये हुए है... वो भी हमें ख़यालों में सोचा करते है।  ग़र ये सच है तो ख़यालों में ही सही... उन ख़यालों में हम साथ जिया करते है।  Kahate Hai Jinke Khayalo Me Ham Khoye Huye Hai... Vo Bhi Hame Khayalo Me Socha Karte Hai . Gar Ye Sach Hai To Khayalo Me Hi Sahi... Un Khayalo Me Ham Sath Jiya Karte Hai . 

स्वामिनी है विशाल ह्रदय की...

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रूकती ना कभी चली सी है  औरतें बह रही नदी सी है समेटे सारा जहां अपने भीतर आसमां या कहीं जमीं सी है चाशनी सी रिश्ते में घुल जाती प्रेम वात्सल्य में पगी सी है स्वामिनी है विशाल ह्रदय की प्रबल जिजीविषा भरी सी है सरंक्षिका सारे जगत की नारी सर्वगुण संपन्न देवी सी है ।। Rukti na kabhi chali si hai, Aurte bah rahi nadi si hai Samete sara jahan apne bhitar Aasman ya kahi jamin si hai Chashni si rishte me ghul jati Prem vatsalya me pagi si hai Swamini hai Vishal hridya ki Prabal jijivisha bhari si hai Sanrakshika sare jagat ki nari Sarvgun sampanna devi si hai ।। 

वो लफ्ज था.......इश्क !

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"इश्क" मंन उदास था, सोचा चलो आज, इश्क के बारे कुछ लिखा जाऐ। कागज और कलम उठाई, बेठ गये लिखने। लाख कोशिश की, मगर, कुछ भी लिख ना पाऐ। जानें क्या हुआ आज, लफ्ज और ख्यालो में, ताल-मेल बिठा ना पाऐ। हार कर कलम वापस मेज पर रख दी, मगर, लिखने की चाह को ज़ेहन से निकाल ना पाऐ दफ़तन, कलम और दवात सिहायी की, फर्श पर गिरी और हम संभाल ना पाऐ। देख, बिखरी सिहायी और कलम को, आँखे भर आई। और, अशको को बहने से रोक ना पाऐ। बिखरी सिहायी और अशक दोनो आपस में घुल-मिल गये। फर्श पर, इक धुंधली सी तस्वीर उभर आई। क्या थी वो तस्वीर, कुछ संमझ ना पाये। ग़ोर से, जब फर्श को देखा। शायद, इक लफ्ज उभर कर आया था। वो लफ्ज था.......,,,,,,,,”इश्क !

खामोशी का साया है...

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हर तरफ खामोशी का साया है... जिसे देखो वो ही पराया है... गिर पड़ा हु मोहोब्बत की भूख से... और लोग कहते है पीकर आया है... Har taraf khaamoshee ka saaya hai... Jise dekho vo hee paraaya hai... Gir pada hu mohobbat kee bhookh se... Aur log kahate hai peekar aaya hai...

नाम तेरा चाहता हूँ...

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हर नज़र से पहले दीदार तेरा चाहता हूँ... हर राह से पहले सफर तेरा चाहता हूँ... ना मिले चाहे मंज़िल मुझे कोई... मेरे नाम से पहले नाम तेरा चाहता हूँ... Har nazar se pahale deedaar tera chaahata hoon... Har raah se pahale saphar tera chaahata hoon... Naa mile chaahe manzil mujhe koi... Mere naam se pahale naam tera chaahata hoon...

लो कर ली मोहब्बत ....

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सगंमरमर की तारीफ ना कर मुझसे , तु कहे तो आँसुओ से मोहब्बत लिख दुँ , चुमने के लिए झुक जायेगा ताजमहल भी , जीस जमीँ पर तेरा नाम लिख दुँ... भीगे गुलाब जैसी खूबसूरत हो तुम जो भी हो जाना मेरी महोब्बत हो तुम लो कर ली मोहब्बत .... एक बार फिर तन्हाइयों से, झूठ कहते है लोग की .... मोहब्बत दुबारा नहीं होती!! sagammaramar kee taareeph na kar mujhase , tu kahe to aansuo se mohabbat likh dun , chumane ke lie jhuk jaayega taajamahal bhee , jees jameen par tera naam likh dun... bheege gulaab jaisee khoobasoorat ho tum jo bhee ho jaana meree mahobbat ho tum lo kar lee mohabbat .... ek baar phir tanhaiyon se, jhooth kahate hai log kee .... mohabbat dubaara nahin hotee!!

सिर्फ दर्द और रुसवाइयाँ !

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जिस दिल पर लिखी हो #मोहब्बत की सच्चाइयाँ, दिल को मिलती है सिर्फ दर्द और रुसवाइयाँ ! *नहीं है हम इतने हसीन की हर किसी के दिल में बस जाए...!!☝* *पर जिसके साथ चल परते है कदम जिन्दगी उसी के नाम कर देते है...!!💞 * जख्मी दिल ये मेरा राहत के तलाश मे अपना औकात भुल गया ... शिसे दिल होकर पथर दिलसे ऐसे टकराया कि टूट कर चकना चूर हो गया 💞एक पल का एहसास बनकर आते हो तुम, दुसरे ही पल ख्वाब बनकर उड़ जाते हो तुम, जानते हो की लगता है डर तन्हाइयों से, फिर भी बार बार तनहा छोड़ जाते हो तुम।💞

आशिक जल जाते हैं...

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चुपके चुपके पहले वो ज़िन्दगी में आते हैं;* *मीठी #मीठी बातों से दिल में उतर जाते हैं;* *बच के रहना इन #हुस्न वालों से #यारो;* *इन की आग में कई #आशिक जल जाते हैं। इश्क के गुनहगारों की इतनी तो सज़ा हो !! उन्हें भी इश्क हो किसी से और धोखा बेवजह हो... chupake chupake pahale vo zindagee mein aate hain;* *meethee #meethee baaton se dil mein utar jaate hain;* *bach ke rahana in #husn vaalon se #yaaro;* *in kee aag mein kaee #aashik jal jaate hain. ishk ke gunahagaaron kee itanee to saza ho !! unhen bhee ishk ho kisee se aur dhokha bevajah ho

एक शख्स...

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बन के गुलाब कांटे चुभा गया एक शख्स हुआ चिराग तो घर ही जला गया एक शख्स तमाम रंग मेरे और सारे ख्वाब मेरे फ़साना था के अफसाना बना गया एक शख्स मैं किस हवा में उड़ूँ किस फ़िज़ा में लहराऊँ दुखों के जाल हर जगह बिछा गया एक शख्स इश्क़ में किसी के भुला रखा था इसे मिले वो ज़ख़्म के फिर याद आ गया एक शख्स खुला यह राज़ की आईना जहाँ है दुनिया और इस जहाँ में मुझे तमाशा बना गया एक शख्स ban ke gulaab kaante chubha gaya ek shakhs hua chiraag to ghar hee jala gaya ek shakhs tamaam rang mere aur saare khvaab mere fasaana tha ke aphasaana bana gaya ek shakhs main kis hava mein udoon kis fiza mein laharaoon dukhon ke jaal har jagah bichha gaya ek shakhs ishq mein kisee ke bhula rakha tha ise mile vo zakhm ke phir yaad aa gaya ek shakhs khula yah raaz kee aaeena jahaan hai duniya aur is jahaan mein mujhe tamaasha bana gaya ek shakhs

चाहकर भी

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ख्वाहिश नहीं मुझे मशहूर होने की

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     *डॉ. हरिवंशराय बच्चन जी की एक सुंदर कविता* _ख्वाहिश नहीं मुझे_ _मशहूर होने की,_         _आप मुझे पेहचानते हो_         _बस इतना ही काफी है._ _अच्छे ने अच्छा और_ _बुरे ने बुरा जाना मुझे,_         _क्यों की जिसकी जितनी जरूरत थी_         _उसने उतना ही पहचाना मुझे._ _जिन्दगी का फलसफा भी_ _कितना अजीब है,_         _शामें कटती नहीं और_         _साल गुजरते चले जा रहें है._ _एक अजीब सी_ _दौड है ये जिन्दगी,_         _जीत जाओ तो कई_         _अपने पीछे छूट जाते हैं और_ _हार जाओ तो_ _अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं._ _बैठ जाता हूँ_ _मिट्टी पे अकसर,_         _क्योंकी मुझे अपनी_         _औकात अच्छी लगती है._ _मैंने समंदर से_ _सीखा है जीने का सलीका,_         _चुपचाप से बहना और_         _अपनी मौज मे रेहना._ ...

खामोशियाँ

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खामोशियाँ ही बेहतर हैं,* शब्दों से लोग रूठते बहुत हैं..."* जो खुश हुए वो अपने नहीं थे,* जो अपने थे वो कभी खुश नहीं* *हुए...

मुझे आवारा कहते हैं

वो भी आधी रात को निकला और मैं भी, फिर क्यों उसे चाँद और मुझे आवारा कहते हैं लोग।

रखा करो नजदीकियां

रखा करो नजदीकियां, ज़िन्दगी का कुछ भरोसा नहीं...* *फिर मत कहना चले भी गए और बताया भी नहीं. . . !* *बहुत ग़जब का नज़ारा है इस अजीबसी दुनिया का,* *लोग सबकुछ बटोरने में लगे हैं खाली हाथ जाने के लिये..!*

वजह हो तुम ..!

मेरे दिल की कभी धड़कन को समझो या ना समझो तुम,... . मैं लिखता हूँ मोहब्बत पे तो इकलौती वजह हो तुम ..!!

नारी तुम प्रेम हो...

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नारी तुम प्रेम हो, आस्था हो, विश्वास हो, टूटी हुई उम्मीदों की एक मात्र आस हो, हर जान का तुम ही तो आधार हो, नफरत की दुनिया में तुम ही तो प्यार हो, उठो अपने अस्तित्व को संभालो, केवल एक दिन ही नहीं हर दिन के लिए तुम खास हो। महिला दिवस मुबारक हो! Nari Tum Prem Ho, Aastha ho, Vishvaas Ho, Tooti Huyi Ummeedon Ki Ek Maatra Aas Ho, Har Jaan Ka Tum Hi To Aadhaar Ho, Nafarat Ki Duniya Mein Tum Hi To Pyaar Ho, Utho Apane astitva Ko Sambhaalo, Keval Ek Din Hi Nahin Har Din Ke Liye Tum Khaas Ho... Mahila Divas Mubaarak Ho! Happy Women's Day Ashiqaana

We fall... We rise...

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We fall.. We rise... We make mistakes.. We are human.. We are not perfect.. We are hurt... But we are alive... Think , what a precious privilege it is to be alive... To breathe, to enjoy, to chase, the things we love . Sometimes, there is sadness in our journey.. But there is also lots of beauty. We must put one foot forward even when sad, because we  never know what is waiting  round the bend...🍒 Look forward and be progressive.🌺🌺🌺 Happy day...

चाहत है...

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"चाहत" है किसी "चाहत" को पाने की, "चाहत" है "चाहत" को आजमाने की। वो "चाहे हमें" या "ना चाहे" पर मेरे दोस्त, "चाहत" है उनकी "चाहत" में मिट जाने की। "Chahat" Hai Kisi "Chahat" Ko Paane Ki, "Chahat" Hai "Chahat" Ko Azmaane Ki... Wo "Chahe Hame" Yaa "Naa Chahe" Par Mere Dost, "Chahat" Hai Unki "Chahat" Me Mit Jaane Ki...

Sochta Hoon Kya Likhon...!

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....... Sochta Hoon Kya Likhon.! Socha.!Dil Ka Haal Likhon .!! ......Par Jo Dil Mein Rehti Hai.. ...Uss Haal-e-Dil Ko Kya Likhun .? .....Socha..! Pyar Ki Batein Likhon ..!! Par Jo Khud Pyari Hai ..!! .....Uss Pyar Ke Bare Mein Kya Likhon ..!! ....Socha.!.Zindagi Ki Kahani Likhon..!! ...Par Jo Khud Zindagi Hai ...!!! ....Uss Afsane-e-Zindagi Ko Kya Likhon .... !!